01 February 2017

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी (Saraswati Vandana)



हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी (Saraswati Vandana)


!! सरस्वती वंदना !!


हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी
अम्ब विमल मति दे , अम्ब विमल मति दे ..........
जग सिर मौर बनाएँ भारत
वह बल विक्रम दे ,  अम्ब  विमल  मति  दे ...........


साहस शील ह्रदय में भर दे ,
जीवन त्याग तपोमय कर दे
संयम सत्य स्नेह का वर दे , स्वाभिमान भर दे
हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी ,
अम्ब विमल मति दे , अम्ब विमल मति दे ..........


लव-कुश ,  ध्रुव  प्रहलाद  बने ,
हम मानवता का त्राश हरे हम ,
सीता सावित्री दुर्गा माँ फिर घर-घर भर दे
हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी ,
अम्ब विमल मति दे , अम्ब विमल मति दे ...........








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Note :-  This inspirational poem is not my original creation .

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